जामाडोबा सिफर धनबाद व एमजीएमआइ कोलकाता ने ऊर्जा प्रणालियों से वैश्विक पर्यावरण ग्रीन हाउस गैस विषय पर छह दिवसीय अल्पावधि पाठ्यक्रम व कार्यशाला का आयोजन सिफर डिगवाडीह में किया गया। तीसरे दिन 25 जानेमाने कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक आशीष मुखर्जी ने कहा कि वर्तमान में ग्लोबल वाíनग से निपटने के लिए कोयले के हर पात्र को तकनीकी बनाकर उपयोग में लाने की जरूरत है। वैज्ञानिकों को कोयला मीथेन कार्बन डाइऑक्साइड को अलग कर उपयोग में लाने की दिशा में कार्य करना होगा। डॉ. अजय कुमार ने कहा कि हमें इसके लिए अभी से तैयारी करनी होगी।from Jagran Hindi News - jharkhand:dhanbad https://ift.tt/36lSiX5

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