झारखंड के कोल्हान में आदिवासी हो समाज का सबसे बड़ा त्योहार माघे पर्व की इन दिनों गांव-गांव में धूम मची हुई है. मकर पर्व से आरंभ होने वाला यह पर्व मार्च तक जिले के हर गांव में मनाया जाता है. जहां गांव के सभी महिला पुरूष और बच्चे एक जगह एकत्रित हो कर ढोल-मंदिर की छाप पर जम कर थिरकते हैं. पारंपरिक गीत के साथ महिला-पुरूष एक दूसरे के हाथ मिलाकर नृत्य करते हैं. एक-दूसरे से खूब मजाक भी किया जाता है. यह पर्व माघ महीने में ही मनाए जाने का परंपरा है, इसलिए इसे माघे पर्व कहते हैं. अलग-अलग गांव में अलग दिन माघे पर्व मनाया जाता है. जिस दिन दिस गांव में मनाया जाता है, उस दिन उस गांव से लोग एकत्रित होते हैं और उसी दिन गांव के तमाम रिश्तेदार भी पहुंचते हैं. तरह-तरह पकवान घर में बनते हैं और सभी मिलकर खूब मस्ती करते हैं.from Latest News झारखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2CAIXhc

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