झारखंड के बोकारो जिले के कसमार प्रखंड स्थित मंजूरा गांव जहां आज भी वहां पूर्व से चली आ रही अनूठी पंरपरा निभाई जा रही है. इस पंरपरा का नाम है बेझा विधा( तीरंदाजी प्रतियोगिता) मजूंरा के रहने वाला महतो परिवार के स्व. रीतवरण महतो के द्वारा ये पंरपरा शुरु की गई. यह प्रतियोगिता विगत 100 सालों से भी ज्यादा समय से चलती आ रहा है. इस तीरदांजी प्रतियोगिता में प्रतिभागी निशाना साधने के लिए केला के खंभे में निशाना साधते है जो लगभग प्रतिभागियो से 100 मीटर की दूरी पर स्थित होती है. इस प्रतियोगिता मे किसी भी धर्म के लोग हिस्सा लेकर अपने लक्ष्य को साधने का काम करते है और जो प्रतिभागी इसमें कामयाब होता है उसको एक साल के लिए एक एकड़ जमीन उपहार स्वरूप खेती के लिए दी जाती है.from Latest News झारखंड News18 हिंदी http://bit.ly/2AU2Z6B

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